विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विद्यार्थियों ने चित्रों एवं रंगोली में उकेरी राष्ट्र निर्माण की परिकल्पना – Tirth Nagri Uttarakhand

विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विद्यार्थियों ने चित्रों एवं रंगोली में उकेरी राष्ट्र निर्माण की परिकल्पना

यमकेश्वर, महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय,बिथ्याणी, यमकेश्वर में प्रतियोगिता आयोजित, भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि विविधताओं, सांस्कृतिक विरासत, वैज्ञानिक उपलब्धियों और असीम संभावनाओं से परिपूर्ण एक राष्ट्र है। वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प प्रत्येक नागरिक की सहभागिता, युवाओं की ऊर्जा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच से ही साकार हो सकता है। इसी दूरदर्शी परिकल्पना को केंद्र में रखते हुए महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय,

बिथ्याणी, में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:00 बजे से 12 बजे तक ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस प्रतियोगिता में अनेक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपने चित्रों एवं रंगोली के माध्यम से वर्ष 2047 के विकसित भारत की कल्पना को साकार करने का प्रयास किया। उनकी प्रस्तुतियों में आत्मनिर्भर भारत, आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, डिजिटल विकास तथा राष्ट्र की प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों की झलक देखने को मिली। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मक क्षमता, मौलिक सोच और कलात्मक प्रतिभा का सराहनीय प्रदर्शन किया। चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अंजलि तृतीय सेमेस्टर ने प्रथम, प्रीति तृतीय सेमेस्टर ने द्वितीय एवं मीनाक्षी तृतीय सेमेस्टर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।रंगोली प्रतियोगिता में अंजलि और प्रिया की जोड़ी ने प्रथम स्थान शिवांगी और सोनाली की जोड़ी ने द्वितीय स्थान नेहा व स्वाति, मीनाक्षी व प्रीति की जोड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।चित्रकला प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. रितु कश्यप, डॉ नीरज नौटियाल, श्रीमती पूजा रानी के द्वारा किया गया रंगोली प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. हिमानी बडोनी, श्रीमती पूजा रानी और श्रीमती सीमा देवी के द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम में डॉ.तनुजा बिष्ट, डॉ. केशव प्रसाद डबराल और नरेश राणा का विशेष सहयोग रहा।इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति, आपसी सहयोग एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करती हैं।सेवा संकल्प सप्ताह के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता से महाविद्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपनी सृजनात्मक क्षमता को निखारने और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्राचार्य एवं समस्त महाविद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विजेता छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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