ऋषिकेश में एमडीडीए ने की सीलिंग की कार्रवाई व एक बिल्डिंग को किया ध्वस्त

ऋषिकेश, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप ऋषिकेश एवं मसूरी क्षेत्रों में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की प्रभावी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति अथवा अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार्य नहीं होगा। एमडीडीए का कहना है कि अवैध और अनियोजित निर्माण शहरी संरचना, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन और आधारभूत सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसलिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है

ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर सीलिंग अभियान

ऋषिकेश क्षेत्र में भी प्रवर्तन दल द्वारा अवैध व्यवसायिक निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। गली नंबर 5, वीरपुर खुर्द, सीमा डेंटल कॉलेज के निकट रीतु गुप्ता पत्नी अनिल गुप्ता द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को नियम विरुद्ध पाए जाने पर सील किया गया। इसी प्रकार गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक में करमवीर सिंह द्वारा किए जा रहे निर्माण को भी बिना वैध स्वीकृति के पाया गया, जिसके चलते प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है।

 

अवैध बहुमंजिला भवन पर ध्वस्तीकरण

वीरभद्र रोड, शिव मंदिर के निकट ऋषिकेश में भावेश जोशी द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूर्ण की गई। संबंधित निर्माण को पूर्व में नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, किंतु निर्धारित समयावधि में वैध स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण अमल में लाया गया। यह कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न की गई।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुनियोजित शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा के लिए भवन निर्माण नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं वैधानिक अनुमति के किए गए निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि यातायात, पर्यावरण और आधारभूत संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां सीलिंग, ध्वस्तीकरण और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें।

 

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान

प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सभी प्रवर्तन कार्रवाइयां नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुलिस बल की उपस्थिति में की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे भवन निर्माण उपविधियों का पालन करें तथा किसी भी निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति प्राप्त करना सुनिश्चित करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *