ऋषिकेश, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र ऋषिकेश में अवैध निर्माणो का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है विस्थापित क्षेत्र आम बाग, निर्मल ब्लॉक, भरत बिहार, आवास विकास आदि क्षेत्रों में अवैध निर्माण का कारोबार फल फूल रहा है विभाग के अधिकारी उक्त निर्माण कार्यों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे है एमडीडीए विभाग खानापूर्ति के नाम पर महज़ सीलिंग की कार्रवाई कर देता है लेकिन सीलिंग के तुरंत बाद ही सील तोड़कर निर्माण कार्य दिन-रात चलता रहता है और निर्माण कार्य बनकर तैयार भी हो जाता है जिसकी शिकायत के बावजूद भी अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते हैं उनकी ऐसी क्या मजबूरी है जो अवैध निर्माण को देखकर आंखें मूंद लेते हैं अभी ताजा मामला विस्थापित क्षेत्र निर्मल ब्लॉक
एमडीडीए का प्रेस नोट
का है
जहां 16 फरवरी को एमडीडीए के अधिकारियों द्वारा नीरज गंगा पैराडाइज, कर्मवीर, अमर ठेकेदार द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य सुमित मल्होत्रा तथा बाबा राम मोहन द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर पुनह सीलिंग की कार्रवाई की गई थी लेकिन बड़ी बात यह है कि सीलिंग के एक सप्ताह के अंदर ही सभी सीलिंग बिल्डिंगों पर सील तोड़कर निर्माण कार्य दिन-रात तेजी से चल रहा है जिसकी सूचना प्राधिकरण के सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज को देने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई, बात करें एमडीए द्वारा अभी तक जितनी भी बिल्डिंगों को
सील बहुमजिला भवन
सील किया गया था यदि वर्तमान समय में इन सीलिंग बिल्डिंगों को देखा जाए तो एक दो को छोड़कर कोई भी बिल्डिंग सील नहीं मिलेगी जबकि एमडीडीए ऋषिकेश हर महीने सीलिंग की कार्रवाई करता है,